प्रेम, यह एक बहुत ही उच्च कोटि का अनुभव है। जिसे महसूस करना सबके बस की बात नहीं। प्रेम एक ऐसी भावना है, जो आपके हृदय को आनंद से प्रफुल्लित करता है, और साथ ही मधुर पीड़ा का भी एहसास कराता है।

हमारा मस्तिष्क कभी-कभी हमें धोखा दे सकता है, और यह प्रेम और वासना के बीच की रेखाओं व अंतर को धुंधला कर सकता है; परन्तु प्रेम इस घृणित विचार और शारीरिक इच्छाओं से परे है। यह दो लोगों के बीच उस संबंध के बारे में है जो शयनकक्ष तक ही सीमित नहीं है। 

प्रेम एक ऐसी ऊर्जा है, जो आपसे असंभव से असंभव कार्य करवाने में सक्षम है। यह एक असाधारण अनुभव है। 

माना, कभी कभी, चीजें आपकी अपेक्षाओं के अनुसार नहीं होतीं। यदि पिछला प्रेम स्थायी नहीं था, तो क्या हुआ? एक बार फिर से, प्रेम को पाने के लिए स्वयं को तैयार करें। एक बार पुनः प्रेम की बारिश में भीगने के लिए दोनों बाँहें फैलाकर इसका स्वागत करें।

इसलिए, मनुष्य होने के नाते, हमें दो प्रेम करने वालों के, शरीर की आयु, रंग, और पुलिंग, स्त्रीलिंग से ध्यान हटाकर, उनकी आत्माओं की सुंदरता, और उनके बीच के गहरे संबंध पर गौर करना चाहिए। किसी व्यक्ति की उम्र तो बस एक संख्या मात्र है, और व्यक्ति का लिंग एक नक़ाब है इस शरीर को एक नाम देने का।

अक्सर, जब आप किसी व्यक्ति विशेष से पहली बार मिलते है, तो ऐसा लगता है शायद पहले भी मिल चुके हैं, क्योंकि आपकी आत्मा उस दूसरी आत्मा की सुंदरता, वाग्मिता, और बुद्धिमत्ता से परिचित है। आपकी आत्मा को उस गहरे संबंध की धुँधली याद आती है, फिर कुछ और मुलाक़ात और बातों के बाद पुरानी याद ताज़ा हो जाती है। आपकी आत्मा को वह रिश्ता याद आ जाता है, जो कभी किसी जीवन में एक दूसरे के साथ साझा कर चुके हैं। चूँकि, आत्माओं की ज़ुबान नहीं होती, इसलिए दिमाग़ दुविधा में रहता है, और कभी आप अपने सच्चे साथी को पहचान लेते हैं, तो कभी उसके बिना ही जीवन काटते हैं।

याद रखें! यहाँ हर व्यक्ति किसी महत्वपूर्ण कारण से ही किसी से मिलता है। हमारी आत्माओं ने यह मिलाप पहले भी अनुभव किया है। हमारी आँखें जब किसी से टकराती हैं, तो हमारी आत्मा उस ऊर्जा को महसूस करती है, और यह एहसास, उस मुलाक़ात की ओर इशारा करती है, जो पहले भी हो चुकी है। आपकी आत्मा पहले से ही आपके पूर्व प्रेम या संबंध को पहचान जाती है।

एक बार जब आप इस आकर्षण के पीछे के कारण को समझ जाते हैं, तो सांसारिक नियम और कानून महत्वहीन हो जाते हैं।

प्रेम एक ऐसी भावना है, जिसकी व्याख्या शब्दों मे नहीं की जा सकती। बस इतना समझ लें कि अगर आप किसी से प्रेम करते हैं, तो यह आपके हृदय को गुदगुदी वाली संवेदना से भर देता है। जैसे, सुंदर फूलों से भरा एक बाग आपके भीतर अतिसुन्दर नृत्य कर रहा हों। यह एक अजीब खुशी का विस्फोट है, जो बिना किसी तार्किक व्याख्या के आपकी दुनिया को एक हरे-भरे स्वर्ग में बदल देता है।

प्रेम एक असाधारण शक्ति है, जो आपको, वह कार्य करने में सक्षम बनाती है, जिन्हें आप कभी संभव नहीं समझते थे, या जिसकी आपने कभी कल्पना भी ना की हो। प्रेम को अपने दिल में भरकर, आप गड्ढों से भरी हुई, टूटी फूटी सड़कों पर भी अपनी आँखों में प्रसन्नता की चमक लिए हुए गुनगुनाते हुए आगे बढ़ते हैं।

किसी के प्रेम में होना, जैसे सदैव एक सकारात्मक और अनोखी ऊर्जा की चमक में डूबे रहना; जो आपके अस्तित्व के हर इंच को अपने प्रकाश से भर देती है। प्रेम के बिना, आपकी आत्मा खोखली और खोई हुई महसूस होती है, जैसे कि किसी गलत दिशा में भटक गई हो।

इसलिए, आप अपने आप को एक अवसर अवश्य दें, इस आकर्षण से मोहित होने का और प्रेम में स्वयं को समाहित करने का।

आज वैज्ञानिक स्तर पर उपग्रहों का निर्माण किया जा सकता है ताकि ग्रहों, उपग्रहों की जानकारी ली जा सके। आज दुनिया के लिए महासागरों और पृथ्वी की सुरक्षा करना संभव है। आज के समय में वैज्ञानिक तौर पर कुछ भी असंभव नहीं है। जब आपका हृदय प्रेम से परिपूर्ण होगा तब यह सब उपलब्धियाँ अपनी गति को और भी तेज कर लेंगी, और विकसित संसार को देखना और भी सरल हो जाएगा।

प्रेम मस्तिष्क के लिए खुश रहने का स्रोत है, जिससे स्पष्ट सोच में मदद मिलती है। यह आपको एक सकारात्मक और खुशहाल दृष्टिकोण के साथ बड़े से बड़े काम को निपटाने में मदद करता है। आपको, आपका काम, एक उबाऊ दिनचर्या की तरह महसूस नहीं होता। इसके अलावा, यह आपको सही मार्ग में व्यस्त रहने का एक उद्देश्य देता है।

आपकी वृद्धि का सबसे बड़ा बाधक वासना और लालच की विनाशकारी शक्ति है, जो आपके जीवन की सुंदरता को कम करती है। प्रेम से भरा दिल तो इस विनाशकारी शक्ति से आपको बचाने में सहायता करता है। प्रेम कभी भी आपकी सफलता के बीच नहीं होता, यह कभी आपकी उन्नति में बाधा नहीं डालता, बल्कि यह आपको, आपकी क्षमताओं से परिचित कराता है। यह आपको, आपके कार्य या लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।

ईश्वर और ब्रह्मांड से यह अनुरोध है कि वह अपना आशीर्वाद प्रत्येक व्यक्ति को दें ताकि उनकी आत्मा प्रेम की खोज और उसे प्राप्त करने में समर्थ हो। सभी प्रेम से परिपूर्ण हों। प्रेम की मनमोहक धुन, हर एक आत्मा को मधुर संगीत सुनाते हुए, उन्हें प्रेम के मुलायम स्पर्श को छूने के लिए प्रेरित करे, जिससे हर व्यक्ति उस स्नेह के मधुर नृत्य में मगन हो। ईश्वर करे, प्रत्येक हृदय में प्रेम एक प्रमुख शक्ति बने, जिसके एहसास से, शरीर और आत्मा दोनों तृप्त हो सके। बेशक, बिना अपनी बुद्धिमानी और हंसमुख स्वभाव का बलिदान किए हुए। 🙂

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Photonic Soul Avatar

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One response to “प्रेम की सच्ची परिभाषा व पहचान ”

  1. Indian Yoga School Yerevan 0019 ,Armenia Avatar

    So true,as I am feeling nostolgia.some stories are ment to be incomplete for many reasons..one of them is will power , another may be for weak people’s fate. Every line is true experience.sharp your writing,nourish your poetic soul.amazing and super .bless be always.
    yht0091@gmail.com

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